आरक्षण के लिए जाट समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर के जाटों को ओबीसी में आरक्षण का लाभ दे दिया गया है। दोनों जिलों का जाट समाज वर्षों से आंदोलनरत था।
राजस्थान में सर्कुलेशन के जरिए कैबिनेट ने भरतपुर और धौलपुर के जाटों को ओबीसी में आरक्षण का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस आशय की अधिसूचना बुधवार को जारी की गई है। धौलपुर और भरतपुर के जाटों को आरक्षण का मामला लंबे समय पैंडिंग चल रहा था।
सर्कुलेशन से अधिसूचना जारी होने को लेकर सुबह से ही सचिवालय के गलियारों में चर्चा चल रही थी। शाम को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। करीब दो माह की शांति के बाद एक बार फिर जाट आरक्षण की मांग राजस्थान में जोर पकड़ने लगी थी।
उग्र आंदोलन की दे रखी थी चेतावनी
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- फोटो : vasundhra raje
भरतपुर-धौलपुर के जाटों को ओबीसी में आरक्षण देने की मांग को लेकर 23 अगस्त से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार ने मीडिया में बयान जारी करते हुए आरोप लगाया था कि कि राज्य सरकार दो साल से जाटों को आरक्षण के मुद्दे पर गुमराह कर रही थी।
आरक्षण की इस मांग को लेकर दो महीने पहले भी आंदोलन हुआ था। तब सरकार ने सरकार ने समझौता कर जल्द केबिनेट की बैठक बुलाकर आरक्षण के मामले में अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया था।
आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटी
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भरतपुर के जाटों में खुशी की लहर दौड़ गई और विधायक विश्वेंद्र सिंह की मौजूदगी में यातायात चौराहे पर जमकर जश्न मनाया गया। आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटी। बाद में विधायक विश्वेंद्र सिंह ने महाराजा सूरजमल की और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया। सिंह ने इसके सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजस्थान की पहल अन्य प्रदेशों में जाटों को आरक्षण देने का आधार बनेगा।