11 सूत्रीय मांगों को लेकर पशु चिकित्सक बीते महीने 17 दिसंबर से राजस्थान स्टेट वेटरनरी काउंसिल जयपुर के सामने क्रमिक अनशन पर हैंI 'समान कार्य समान वेतन' सिद्धांत के आधार पर पशु चिकित्सक मानव चिकित्सकों के समकक्ष ग्रेड–पे, डीएसीपी, नॉन प्रेक्टिस एलाउंस और पीजी इंक्रीमेंट समेत न्यायालय में लंबित 900 पशु चिकित्साधिकारी की लंबित भर्ती को पूरी करवाने सहित अन्य मांग कर रहे हैं।
पशु चिकित्सकों की डिग्री अवधी, उच्च अध्यन व कार्यप्रकार के आधार पर पांचवें, छठवें और सातवें वेतन आयोग ने पशुचिकित्सकों को मानव चिकित्सकों को समकक्ष मानते हुए समान वेतन व भत्ते देने की स्पष्ट सिफारिश की हैI दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और गुजरात समेत देश के 16 राज्यों के पशुचिकित्सक मानव चिकित्सकों के समान वेतन प्राप्त कर रहे हैंI राजस्थान के पशु चिकित्सक इस भेदभाव के खिलाफ दो दशकों से संघर्षरत हैंI
पशुपालन रीढ़ की हड्डी...
पशुपालन व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैI राज्य की जीडीपी में पशुपालन का योगदान 12.5 प्रतिशत के साथ नकदी फसलों से अधिक हैI पशु चिकित्सकों की कई साल की मेहनत के बदौलत राजस्थान पशुधन संख्या और दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से देश में दूसरे स्थान पर हैI राजस्थान चमड़ा निर्यात, ऊन उत्पादन और अंडा उत्पादन में अग्रणी राज्य हैI 900 पशु चिकित्सा अधिकारी की भर्ती राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई पूरे हुए तीन महीने हो चुके हैं। लेकिन माननीय न्यायालय की ओर से मामले को निर्णय नहीं सुनाया जा रहा है।
65 प्रतिशत पद रिक्त...
पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सकों के 65 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैंI बावजूद इसके पशु चिकित्सकों ने दिन–रात उपचार करते हुए लंपी के दौरान लाखों गोवंश की जान बचाईI 21 दिसंबर 2022 को पशु चिकित्सकों की 11 सूत्रीय मांगों का परीक्षण कर निर्णय करने के लिए सरकार की ओर से शासन सचिव पशुपालन विभाग की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया थाI कमेटी में प्रमुख शासन सचिव वित्त विभाग, प्रमुख शासन सचिव कार्मिक, शासन सचिव मेडिकल विभाग की ओर से मनोनीत प्रतिनिधियों के साथ पशुपालन विभाग के निदेशक को भी शामिल किया गया थाI
आमरण अनशन की राह पर चिकित्सक...
कमेटी की बैठक में वेटरनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष को वार्ता के लिए आमंत्रित कर बैठक को निरस्त कर दिया गयाI कमेटी गठन करने के बाबजूद एक भी बैठक का अयोजन नहीं करने से प्रदेश के पशु चिकित्सकों में आक्रोश हैI बार–बार कोरा आश्वासन प्राप्त कर पशुचिकित्सक अब आमरण अनशन की राह पकड़ चुके हैंI वेटरनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष डॉ इंद्रजीत सिंह ने कहा, सरकार पशु चिकित्सकों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैI एसोसिएशन ने गांधीवादी मूल्यों का अनुसरण करते हुए 10 जनवरी से आमरण अनशन का निर्णय लिया हैI पशु चिकित्सक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष में हर प्रकार की आहुति देने को तैयार हैंI