राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं का परीक्षा परिणाम गुरुवार को जारी किया गया। यह परिणाम सबसे बड़ा परिणाम भी कहा जा रहा है। बड़ा परिणाम कहा जाने का कारण इस परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की संख्या है।
इस बार परीक्षा में करीब 11 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए। खुद शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने परिणाम जारी करने के दौरान यह बात स्वीकारी कि इस बार परिणामों को लेकर खास सतर्कता और पारदर्शिता बरती गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक इस बार दसवीं की परीक्षा में इस बार दसवीं की परीक्षा में 10 लाख 98 हजार 921 विद्यार्थी पंजीकृत हुए। इनमें 6 लाख 30 हजार 342 छात्र और 4 लाख 68 हजार 579 छात्राएं शामिल रहे। कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 10 लाख 72 हजार 799 विद्यार्थी परीक्षा में मौजूद थे।
अगर दूसरी परीक्षाओं से तुलना करें तो बोर्ड बारहवीं कला की परीक्षा में कुल 5,86,312 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए थे, जिनमें से 3,14,832 बालक और 2,71,480 बालिकाएं थी। कॉमर्स में 48 हजार 133 बच्चे पंजीकृत थे। वहीं विज्ञान वर्ग में दो लाख 34 हजार से ज्यादा बच्चे पंजीकृत थे। ऐसे में इन परीक्षाओं की तुलना में दसवीं की परीक्षा का आयोजन व परिणाम जारी करना बेहद मुश्किल काम रहा है।
शिक्षा राज्यमंत्री ने परिणाम जारी करने के साथ ही बोर्ड की पारदर्शिता के बारे में भी कहा। उन्होंने कहा कि राजस्थान बोर्ड देश के अग्रणी बोर्ड में से एक है। साल में करीब 32 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा करवाता है। जिनमें से 11 लाख तो दसवीं के बोर्ड में ही हैं।