जयपुर में पहली ऐसे दो मूक जोड़े सामने आए हैं जिन्होंने इशारों ही इशारों में निकाह के लिए हामी भरी है। मुस्लिम मंसूरी समाज के दो मूक जोड़ों ने निकाह में अंगूठा दिखाकर सांकेतिक भाषा में काजी को 'कबूल है' कहा।
जयपूर में होने वाले इस निकाह में कई रस्में सांकेतिक भाषा में की गई। निकाह में दूल्हा और दुल्हन के 25 दोस्त और साथ पढ़ने वाले सहपाठी शामिल हुए थे। जिन्होंने इशारों की भाषा समझने में काजी की मदद की। मेहर की रस्म भी इशारों में समझाकर पूरी की गई। काजी द्वारा जब निकाह पढ़ा गया तब दूल्हे और दुल्हनों ने 3 बार अंगूठा दिखाकर 'कबूल है' का संकेत दिया। रस्मों के बाद जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा।
निकाह में मंसूरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल लतीफ आरको एवं पंच पटेल ने दूल्हा और दुल्हन को आशीर्वाद और उपहार दिए। बता दें कि यह अनोखा निकाह दो बहनों और दो भाईयों का हुआ है।