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जब एक करोड़ की डिमांड की गई तो मेहमान एक सुर में बोले हम आपके साथ, जानें ...

Mon, 04 Dec 2017 11:54 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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दुल्हन के पिता अनिल सक्सेना
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सामाजिक कुरीतियों के लिए ग्रामीण समाज पर दोषारोपण किया जाता है, लेकिन सभ्य माने जाने वाले शहरी लोग भी इन कुरीतियों का शिकार है। यह देखने को मिला कोचिंग सिटी कोटा में। जब यहां के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर ने शादी के दिन अपनी बेटी को ब्याहने से इंकार कर दिया और बारात लौटा दी।
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उनके इस कदम की सराहना शादी में मौजूद सभी लोगों ने की और एक सुर में बोले कि सारा कोटा शहर आपके साथ है। दरअसल, मेडिकल कॉलेज में टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर अनिल सक्सेना की बेटी डॉ.रश्मि सक्सेना की शादी रविवार को मुरादाबाद निवासी डॉ. सक्षम से होनी थी।

मेहमानों की पूरी आवभगत की

दहेज - फोटो : demo pic
जब बृजराज पैलेस में शादी समारोह आयोजित हो रहा था उस दौरान वर पक्ष की ओर से एक करोड़ रुपए की डिमांड की गई। साथ ही सभी मेहमानों को एक—एक सोने के सिक्का देने के लिए वधु पक्ष से कहा गया। 

इस बात बिगड़ गई। जानकारी जब वधु डॉ. राशि को हुई तो उसने शादी से इंकार कर दिया और अपने माता-पिता से बात की। इतना सब कुछ होने के बाद भी वधु पक्ष ने मेहमानों को शादी से नहीं होने की बात काफी देर तक मालूम नहीं चलने दी। शादी में खाना खा रहे सभी मेहमानों की वे आवभगत करते रहे।
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एक दिन पूर्व ​दिए थें 21 लाख रुपए नगद

फाइल फोटो।
इसके बाद रात्रि 9:30 बजे अनिल सक्सेना ने सभी मेहमान को अपने निर्णय की जानकारी दी। सभी को शादी नहीं करने का कारण बताया तो सब आश्चर्य में पड़ गए। गौरतलब है कि शादी से एक दिन पूर्व शनिवार को हुए सगाई कार्यक्रम में अनिल सक्सेना वर पक्ष को 21 लाख रुपए नगद और 35 लाख रुपए के गहने दे चुके थें।


वर पक्ष का लालच और बढ़ गया। जिसके बाद उन्होंने विवाह से ऐन पहले एक करोड़ की डिमांड कर डाली। शादी में शहर के प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए थे और सभी ने अनिल सक्सेना व उनकी बेटी के फैसले का स्वागत किया। 
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