बिछड़ने के बाद फिर से मिलने की दोहरी खुशी
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कल तक दोनों के बीच मतभेद इतना था कि वे एक-दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते थे। समझाइश के बाद अब ये मतभेद खत्म हुआ और एक बार फिर साथ रहने की कसम खाई।
बच्चे भी खुश है कि अब उन्हें मां-बाप दोनों का प्यार मिलेगा। दरअसल, आपसी मनमुटाव के कारण कई घरों में रिश्ते दरक रहे है। इन रिश्तों को बचाने के लिए देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने लोक अदालत के जरिए प्रयास किया।
इस प्रयास का असर नजर आ रहा है। लोक अदालत की समझाइश के चलते कई घर फिर से बन गए। आज जोधपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें पारिवारिक न्यायालय में पीठासीन अधिकारी रेखा भार्गव व मनोनीत सदस्य सुमन पोरवाल व भारती के प्रयासों से कई जोड़ों को जीवनभर के लिए एक कर दिया गया।