राजस्थान के बजट में सीएम वसुंधरा राजे ने जैसे ही ब्याज और एकबारगी पचास हजार के कर्ज माफी की घोषणा की तो विधानसभा में हंगामा हो गया। विपक्ष पूरी तरह किसानों के कर्जे को माफ करने की मांग करने लगा। इसे लेकर जमकर बहस हुई। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए तो सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोप को बेबुनियाद बताया।
दरअसल बजट में घोषणा की गई कि राजस्थान में किसानों पर 30 सितंबर तक के 50 हजार तक के लोन और ओवर ड्यू पर ब्याज की माफ होगा। इससे राज्य सरकार पर आठ हजार करोड़ रुपए का भार आएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य कृषि ऋण राहत आयोग के गठन की घोषणा की। इस आयोग को पूर्णकालिक बनाने की तरह काम कर रहे हैं। इसमें किसान अपनी बात को रख सकेंगा। उसकी बात सुनी जाएगी, फिर मैरिट के आधार पर राहत प्रदान की जाएगी। प्रतिपक्ष ने पूर्ण कर्जमाफी की घोषणा की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके चलते मुख्यमंत्री को अपना बजट भाषण रोकना पड़ा।
हंगामे के दौरान विपक्ष ने इस कर्जे को पूरी तरह माफ करने के लिए कहा। प्रतिपक्ष के नेताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि सरकार ने कर्जे की पूरी माफी के लिए कहा था।