जयपुर के सीबीआई मामलों की विशेष अदालत क्रम-4 ने सत्तर हजार रुपए लूटकर हत्या करने और घटना को दुर्घटना का रूप देने के मामले में अभियुक्त महेन्द्र कालरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने नाहरगढ़ रोड निवासी अभियुक्त पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बृजेन्द्र सिंह नाथावत ने अदालत को बताया मृतक धीरज की पुत्री के प्रेम विवाह करने को लेकर अभियुक्त की रंजिश थी। घटना के लिए 22 दिसंबर 2012 को अभियुक्त महेन्द्र ने धीरज के साथ शराब पी और गंभीर घायल कर उसके कब्जे से मोबाइल और सत्तर हजार रुपए ले लिए। इसके बाद वह उसे बारह भाईयों के चौराहे पर पटक कर फरार हो गया।
अभियुक्त ने मृतक की कार भी आमेर के कदम कुंड के पास छोड़ दी। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन उसे एसएमएस अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। घटना को लेकर पहले दुर्घटना थाने में मामला दर्ज किया गया, लेकिन पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में खुलासा होने पर नाहरगढ़ रोड थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल और कार बरामद की। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 36 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।