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पूर्व मंत्री और विधायक को बीस साल पुराने इस मामले में मिली कोर्ट से बड़ी राहत

Tue, 23 Jan 2018 08:43 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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कोर्ट - फोटो : amar ujala
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तत्कालीन कांग्रेस सरकार में चिकित्सा मंत्री रहे एक निर्दलीय विधायक और एक अन्य विधायक को अदालत ने बड़ी राहत दी है।  
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आज सीबीआई मामलों की विशेष अदालत क्रम-4 ने रास्ता रोकने और पुलिस से मारपीट कर राजकार्य में बाधा पहुंचाने के बीस साल पुराने मामले में पूर्व चिकित्सा मंत्री विधायक राजकुमार शर्मा, विधायक हनुमान बेनीवाल सहित एक अन्य विजय देहडु को बरी कर दिया है। इससे पहले निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाते हुए बीस हजार 250 रुपए का जुर्माना लगाया था। 

मामले के अनुसार 8 सितंबर 1997 को लालकोठी थाना पुलिस के एसआई लक्ष्मीनारायण भिंडा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दोपहर करीब ढाई बजे महाराजा कॉलेज के सामने सत्तर-अस्सी लड़के बहुचर्चित जेसी बोस हॉस्टल गैंग रेप मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इनका नेतृत्व छात्रनेता राजकुमार शर्मा, हनुमान बेनीवाल और विजय देहडु कर रहे थे। छात्रों ने जीपों से रास्ता भी रोक रखा था। 
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नारेबाजी के दौरान ही बेनरों से डंडें निकाल कर पुलिसकर्मियों से मारपीट की गई और पुलिस पर पथराव किया गया। जिससे मन्नालाल, खैरातीलाल और नारायण चोटिल हो गए। जिस पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत ने 17 दिसंबर 2012 को तीनों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी।
 
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यह कहा था निचली अदालत ने

हनुमान बेनिवाल एवं राजकुमार शर्मा
निचली अदालत ने तीनों को सजा सुनाते हुए टिप्पणी की थी कि वर्तमान में संसद और विधानसभा में जनता के प्रतिनिधियों की ओर से आपस में गाली-गलौच और की जाती है, वह संभवत: इसी स्तरहीन राजनीति का परिणाम है। छात्र राजनीति का रचनात्मक कार्याे से कोई सरोकार नहीं है, छात्र नेता हिंसक बल प्रदर्शन और धन प्रयोग के द्वारा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा में लगे रहते हैं।
 
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