राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर में मानसागर झील के सामने स्थित नानादेवी मंदिर में जाने के दरवाजे पर ताला लगाने और बिजली कनेक्शन काटने पर वन विभाग के प्रमुख सचिव, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, जेवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक और जयपुर कलक्टर से जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी ने यह अंतरिम आदेश मंदिर नानादेवी समिति की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया है कि मंदिर करीब 65 वर्ष पुराना है। वर्ष 2000 में मंदिर का एरिया संरक्षित वन क्षेत्र में आने पर सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2004 में मंदिर समिति का गठन हो गया।
समिति मंदिर प्रांगण में बने बगीचे को शादी और अन्य आयोजनों के लिए किराए पर देती थी और इससे होने वाली आय से मंदिर और बगीचे की देखरेख हो रही थी। वन विभाग ने 10 मार्च 2016 को आदेश जारी कर शादी और अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग करने पर रोक लगा दी और मंदिर जाने वाले रास्ते के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। इससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो रही है।
आय बंद होने के कारण व्यावसायिक बिजली कनेक्शन कट गया है और बिजली कंपनी वन विभाग की एनओसी के अभाव में घरेलू बिजली कनेक्शन भी नहीं दे रही है। मंदिर में अंधेरा है और सेवा पूजा करने में भारी परेशानी हो रही है।