राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और डीसीपी मुख्यालय को नोटिस जारी कर पूछा है कि अनुकंपा पर लगे कर्मचारी की मौत के बाद उसके भाई को अनुकंपा नियुक्ति क्यों नहीं दी गई।न्यायाधीश केएस अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश मीरादेवी की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता के कॉन्सटेबल पति की 29 जनवरी 2013 को मौत हो गई। ऐसे में याचिकाकर्ता के बड़े बेटे को अनुकंपा नियुक्ति दी गई, लेकिन उसके चार माह बाद बेटे की भी मौत हो गई। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता के छोटे पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के लिए विभाग से संपर्क किया। याचिकाकर्ता के प्रार्थना पत्र पर आईजी ने नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति देने की सिफारिश की, लेकिन राज्य सरकार ने छोटे बेटे को परिवार की श्रेणी में मानने से इंकार करते हुए अनुकंपा नियुक्ति देने से इंकार कर दिया।
ऐसे में याचिकाकर्ता के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति दिलाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।