राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद भी स्कूल मैदान में राजीव गांधी सेवा केन्द्र बनाने के मामले में नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा है कि मैदान से निर्माण हटाया जाए अन्यथा तत्कालीन पंचायती राज सचिव तन्मय कुमार और सीकर कलक्टर धर्मेन्द्र भटनागर सहित अन्य अवमाननाकर्ता 29 मई को पेश हों।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जगमाल यादव की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि सरकार के परिपत्र के विपरीत जाकर खेल के मैदान में सेवा केन्द्र का निर्माण कैसे हुआ। याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने अदालत को बताया कि सीकर जिले के नाथा की नागल स्थित सरकारी स्कूल में राजीव गांधी सेवा केन्द्र बनाने को पूर्व में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका के लंबित रहने के दौरान राज्य सरकार ने 16 मार्च 2011 को परिपत्र जारी कर स्कूलों के खेल मैदानों में ऐसे निर्माण पर रोक लगा दी।
परिपत्र के आधार पर हाईकोर्ट ने 18 अक्टूबर 2011 को याचिका का निस्तारण कर दिया। याचिका में कहा गया कि अवमाननाकर्ताओं ने याचिका खारिज होना बताकर पुन: इस मैदान में सेवा केन्द्र का निर्माण कर दिया। इसे अवमानना याचिका में चुनौती दी गई। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्माण नहीं हटाने की स्थिति में 29 मई को अवमानना कर्ताओं को पेश होने के आदेश दिए हैं।