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शेख चिल्ली की तरह सपने देखना बंद करो, हाईकोर्ट की अधिकारियों को फटकार

Wed, 05 Jul 2017 02:52 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
जोधपुर में बहे लेक्चरर का शव निकालते हुए
कुछ दिन पहले ही बरसाती पानी में व्याख्याता के बहने पर नाराजगी जताने के बाद आज एक बार फिर होईकोर्ट ने शहरी सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि शेख चिल्ली की तरह सपने देखना बंद करो, पहले लोगों को शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराओ।


राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ ने शहर में नाला सफाई और खुलेआम हो रही फायरिंग की घटनाओं को लेकर आज पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। वरिष्ठ न्यायाधीश गोविन्द माथुर व न्यायाधीश विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ ने करीब एक घंटे तक शहर की व्यवस्थाओं से जुड़े सभी मुद्दों पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई।

हाईकोर्ट ने नगर निगम द्वारा रोप-वे जैसे प्रोजेक्ट पर काम करने को लेकर कहा कि शेख चिल्ली की तरह सपने देखना बंद करो। पहले जनता को शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराओ। शहर में कानून का डर खत्म हो गया है, आमजन भय के माहौल में जी रहा है, ऐसा लगता ही नहीं कि कही वर्दी का भय है पुलिस को डर लगता है।

यहां दार्शनिक बातें मत करो - हाईकोर्ट

हाइकोर्ट
पुलिस कमिश्नर ने अदालत को कहा कि अपराध समाज का आईना है जैसा समाज होता है वैसा ही अपराध होता है। ये सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि यहां दार्शनिक बातें मत करो।

पुलिस कमिश्नर ने हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि सेंट्रल जेल अपराधियों की जन्म स्थली बन रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप और जेल दोनों ही सरकार के अंग है और आपस में सामंजस्य बनाकर कार्य करना चाहिए, हमें ऐसा जवाब देने से अच्छा होता कि काम करते।

अगर कानून तोड़ने वालों को कानून का डर समाप्त हो गया है तो लोकतंत्र खतरे में है। इस बीच कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि विश्वविद्यालय के तीन नम्बर छात्रावास में अवांछित लोग रहे हैं जिससे अपराध बढ़ रहे हैं।
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court demo pic
पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट को बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यह छात्रावास अब रहने लायक नहीं है। इसको खाली करवाने के लिए भी लिखा, लेकिन कोई कारवाई नहीं की जा रही। जिला कलक्टर रवि सुरपुर को निर्देश दिए हैं कि वे अधिकारियों की नियमित बैठक कर शहर की व्यवस्थाओं में सुधार करें। बजट का अभाव है तो सरकार को लिखें, लेकिन व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।

सुनवाई के दौरान जिला कलक्टर रवि सुरपुर, जोधपुर पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़, डीसीपी समीर कुमार सिंह, एडीएम सीमा कविया, निगम आयुक्त ओमप्रकाश कसारा, जेडीए आयुक्त दुर्गेश बिस्सा मौजूद रहे।

गौरतलब है कि जोधपुर के रहने वाले अमरचंद राठी कुछ दिन पहले ही तेज बारिश के चलते एक खुले नाले में बह गए थे। वे पाली के बांगड़ कॉलेज में लेक्चरर थे। इसके लिए रोजाना वे अपने स्कूटर के जरिये कॉलेज जाते थे। इसी दौरान पाली से जोधपुर आते समय रेलवे स्टेडियम के समीप नाले के तेज बहाव में बह गए थे।
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