कनिष्ठ लेखाकार भर्ती 2013 मामले में एक बार फिर से हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि आरपीएससी परीक्षाएं आयोजित करने के काबिल ही नहीं है। कोर्ट ने आरपीएससी पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।
हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी मंगलवार को याचिकाकर्ता देवेश कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने आरपीएससी को इस कनिष्ठ लेखाकार भर्ती 2013 के परीक्षा परिणामों को चौथी बार जारी करने के आदेश देते हुए आयोग पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने आयोग से आॅडिट से जुड़े एक प्रश्न को डीलिट करने के भी आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान के.एस. अहलुवालिया ने आरपीएससी पर मौखिक टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि आरपीएससी अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कोर्ट ने कनिष्ठ लेखाकार भर्ती 2013 में विवादित प्रश्नों से जुड़े मामले को लेकर आरपीएससी पर तीखी टिप्पणी की थी। मामले में गहरी नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि आरपीएससी की ऐसी कोई परीक्षा नहीं, जिसका मामला कोर्ट में नहीं पहुंंचा हो। कोर्ट ने तो यहां तक कह दिया था कि आरपीएससी अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
वहीं, कोर्ट ने आरपीएससी सचिव को से शपथ पत्र मांगते हुए कहा था कि वे ऐसी कोई भर्ती बताएं जो बिना किसी विवाद के पूरी हुई हो।