लाल बत्ती हटाने के मोदी सरकार के निर्णय को राजस्थान के एक विधायक ने चैलेंज किया है। इनका कहना है कि मैं अपनी गाड़ी से क्यों लाल बत्ती उतारूं। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लाल बत्ती नहीं दी है, जो उतार दूं।
ये हैं राजस्थान के भाजपा के बागी निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल, जिन्होंने अपनी गाड़ी पर लगी लाल बत्ती को हटाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार को वे काम करने चाहिए, जिससे देश का भला हो। सरकार पहले सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी को लेकर जनता को गुमराह कर चुकी है और अब लाल बत्ती के फैसले से एेसा ही कर रही है। लाल बत्ती हटाने जैसे निर्णयों से देश का कोई भला नहीं होनेवाला। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इससे देश को क्या मिलेगा?
नागौर जिले के खींवसर विधानसभा क्षेत्र से आने वाले विधायक हनुमान बेनीवाल का कहना है कि मैं जनता का प्रतिनिधि हूं और मुझे लाल बत्ती लगाने का हक भी जनता ने ही दिया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार जनता को भटका कर रही है। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ तो ये सरकार कुछ नहीं कर रही।
उन्होंने कहा कि जब देश में लाल बत्ती का नियम सभी के लिए समान रूप से लागू हो जाएगा और सभी लाल बत्ती हटा लेंगे, तो वे भी अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा लेंगे। उनका कहना है कि वे कानून माननेवालों में से हैं, लेकिन वे एेसा कानून मानते हैं, जो सभी के लिए समान हो।
हालांकि, ये बात अलग है कि विधायक को तो पहले से ही लाल बत्ती लगाने का अधिकार नहीं है। ये केवल केबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और संसदीय सचिव को ही दिया गया था।
गौरतलब है कि देश में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सरकारी गाड़ियों पर लगी लाल बत्ती को हटाने का निर्णय किया है। इसके बाद से ही प्रदेश के कई मंत्रियों और अफसरों ने अपनी गाड़ियों पर लगी लाल बत्ती को हटाना शुरू कर दिया है।