राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के एक प्रसिद्ध मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को आदेश दिए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर नगर निगम को आदेश दिए हैं कि वह मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। इसके लिए अदालत ने सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों को सात दिन का नोटिस देकर सुनवाई का मौका देने को कहा है। अदालत ने कहा कि यदि कब्जेधारी अपने कब्जे को लेकर कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
न्यायाधीश मनीष भंडारी और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह आदेश इस प्रकरण में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने जेएलएन मार्ग और शांति पथ लगने वाले ठेले वालों को हटाने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी मोती डूंगरी जोन कमिश्नर को सौंपते हुए मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टाल दी है। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से पालना रिपोर्ट पेश नहीं करने पर अदालत ने नाराजगी जताई।
अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि निगम अतिक्रमण हटाने में सक्षम नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने सरकारी जमीन पर कब्जेधारियों को सुनवाई का मौका देकर हटाने को कहा है।