सीबीएसई के एक स्टूडेंट को 10वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र में मां का नाम सही कराने के लिए 10 हजार रुपये देने पड़ेंगे।
यह राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर होगा। न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश दिलीप कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता ने सीबीएसई से सम्बद्ध ऑल सेंट्स सीनियर स्कूल से वर्ष 2016 में सैकण्डरी कक्षा की परीक्षा उतीर्ण की थी।
सीबीएसई ने परीक्षा की मार्कशीट में उसकी मां का नाम सुनीता देवी के बजाए किरण अंकित कर दिया। याचिकाकर्ता ने नाम सुधारने के लिए बोर्ड में प्रार्थना पत्र पेश किया, लेकिन बोर्ड ने 11 अगस्त 2017 को प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया कि आवेदन में गलती से याचिकाकर्ता की मां का घर का नाम किरण अंकित हो गया था। ऐसे में उसकी मां का नाम सही किया जाए। अदालत ने साक्ष्य के आधार पर पाया की याचिकाकर्ता की पूर्व की अंकतालिकाओं में मां का नाम सुनीता ही था। इस पर अदालत ने सीबीएसई को नाम सही करने के निर्देश देते हुए याचिकाकर्ता को 10 हजार रुपये बोर्ड में जमा कराने को कहा है।