राजस्थान के तीन विधानसभा क्षेत्रों राजसमंद, सुजानगढ़ और सहाड़ा में उपचुनाव को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। भाजपा ने इन तीनों क्षेत्रों में चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति के साथ-साथ टिकट वितरण की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके चलते राजनीतिक हलकों में नेताओं के नामों पर अटकलें भी लगने लगी हैं। माना जा रहा है कि भाजपा यहां जीत हासिल करने के लिए जातिगत समीकरण का दांव खेल सकती है।
ऐसा हो सकता है समीकरण
जानकारी के मुताबिक, भाजपा राजसमंद और सुजानगढ़ में महिला प्रत्याशी को तवज्जो दे रही है, जबकि सहाड़ा में पुरुष उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जा रही है। दरअसल, इन तीन विधानसभा क्षेत्रों में दो जनरल की सीटें है, जबकि सुजानगढ़ सीट एससी है।
इन पर दांव खेलने की योजना
सूत्रों की मानें तो भाजपा राजसमंद में किरण माहेश्वरी की बेटी या परिवार में से किसी और सदस्य को टिकट देने पर पार्टी विचार कर रही है। माना जा रहा है कि महिला नेता के बदले संगठन एक महिला नेता के ही चेहरे को राजसमंद में सामने लाना चाहता है। हालांकि, पार्टी के पास संगठन की अन्य महिला कार्यकर्ताओं के विकल्प हैं, लेकिन पहली प्राथमिकता किरण माहेश्वरी परिवार को मिलना तय लग रहा है।
सुजानगढ़-सहाड़ा के लिए यह प्लानिंग
जानकारी के मुताबिक, सुजानगढ़ में संतोष मेघवाल के नाम की चर्चा काफी तेज हो चली है। दरअसल, संतोष पिछले साल ही भाजपा में शामिल हुई थीं। इसके अलावा, हाल ही में वह बिदासर से प्रधान बनीं। विधानसभा चुनाव 2018 में बतौर निर्दलीय प्रत्याशी उन्हें 38 हजार 603 वोट मिले थे, जो कुल मतदान के 21 फीसदी से ज्यादा थे। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी को 24 प्रतिशत वोट मिले थे। इस सीट पर भंवरलाल मेघवाल ने 83 हजार 632 मत हासिल किए थे। इसके अलावा सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी जातिगत आधार पर प्रत्याशी उतारने की योजना बना रही है । इसमें युवा चेहरे को प्राथमिकता या अनुभवी कार्यकर्ता के नाम पर चर्चा हो रही है।
कांग्रेस भी दांव-पेच में जुटी
बता दें कि उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी कमर कस ली है। दरअसल, पार्टी सुजानगढ़ में मास्टर भंवर लाल मेघवाल और सहाड़ा में कैलाश त्रिवेदी के परिजनों को ही मैदान में उतार सकती है। पिछले दिनों दोनों नेताओं के परिजनों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की थी। गौर करने वाली बात यह है कि यह उपचुनाव कांग्रेस सरकार के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है।