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मुआवजे के विवाद में अटका चार बच्चों का पोस्टमार्टम, अस्पताल के बाहर धरना

Mon, 29 Jan 2018 03:41 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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अस्पताल के बाहर विरोध करते वाल्मिकी समाज के लोग - फोटो : Amar Ujala
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सीकर में मिट्टी में दबकर हुई एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत के मामले में मुआवजे का विवाद गहरा गया है। इसके चलते इन बच्चों का पोस्टमार्टम आज दूसरे दिन भी नहीं हो सका। 
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हालांकि राज्य सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है जबकि परिजन और वाल्मीकि समाज के लोग प्रत्येक बच्चे के लिए 10-10 लाख रुपए मुआवजे तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे है। इस मांग के चलते परिजन और वाल्मीकि समाज के लोगों ने एसके अस्पताल के बाहर डेरा डाल रखा है। 

वाल्मीकि समाज के अध्‍यक्ष अशोक कुमार ने मांग पूरी नहीं होने तक शहर की सफाई व्यवस्था ठप रखने की घोषणा की है। उन्‍होनें बताया कि मृतकों के परिजन बीपीएल परिवार से है। वहीं विधायक रतन जलधारी, नगर परिषद सभापति जीवण खां सहित प्रशासनिक अधिकारी भी समझाइश करते रहे, लेकिन शाम तक बात नहीं बनी। 
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मिट्टी का घर बनाते समय हुआ था हादसा

मौके की एक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
मामले के अनुसार देव गैस गोदाम के पास वन विभाग ने अपनी जमीन पर तारबन्दी कर खाई खोद रखी है। रविवार को यहां रहने वाले परिवारों के बच्चे खाई में खेल रहे थे। इस दौरान मिट्टी का घर बनाते समय मिट्टी धंस गई। इससे चार बच्चे दब गए।

साथ खेल रहे बच्चों की चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग दौड़ कर आए और मिट्टी हटा कर बच्चों को निकाला और एसके अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने संजय (10) पुत्र रामावतार ढूकिया, कृष्णा (8 ) पुत्र बनवारी ढिकिया, अभिषेक और राहुल पुत्र बीरू को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद जांच के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर और पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण ​अभियंता की कमेटी बनाई गई है। 
 
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