अस्पताल के बाहर विरोध करते वाल्मिकी समाज के लोग
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सीकर में मिट्टी में दबकर हुई एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत के मामले में मुआवजे का विवाद गहरा गया है। इसके चलते इन बच्चों का पोस्टमार्टम आज दूसरे दिन भी नहीं हो सका।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है जबकि परिजन और वाल्मीकि समाज के लोग प्रत्येक बच्चे के लिए 10-10 लाख रुपए मुआवजे तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे है। इस मांग के चलते परिजन और वाल्मीकि समाज के लोगों ने एसके अस्पताल के बाहर डेरा डाल रखा है।
वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष अशोक कुमार ने मांग पूरी नहीं होने तक शहर की सफाई व्यवस्था ठप रखने की घोषणा की है। उन्होनें बताया कि मृतकों के परिजन बीपीएल परिवार से है। वहीं विधायक रतन जलधारी, नगर परिषद सभापति जीवण खां सहित प्रशासनिक अधिकारी भी समझाइश करते रहे, लेकिन शाम तक बात नहीं बनी।