पुरानी कहावत है कि बिना आग लगे धुंआ नहीं होता। यह कहावत इन दिन राजस्थान भाजपा पर सटीक बैठती दिखाई दे रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं पर इन दिनों प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अशोक परनामी से लेकर तमाम भाजपा नेताओं को सफाई देनी पड़ रही है।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के लिए शुकवार को परनामी ने मीडिया को ही जिम्मेदार बता दिया। भाजपा की यह सफाई तब सामने आई जब शुक्रवार को ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी चुनाव में पार्टी प्रभारी रहे ओम प्रकाश माथुर जयपुर आए। गौर करने वाली बात है कि एक ओर तो ओर तो ओम प्रकाश माथुर का शक्ति प्रदर्शन चल रहा था वहीं दूसरी ओर परनामी भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सफाई दे रहे थे।
बड़े नेताओं ने बनाई दूरी
दिल्ली से जयपुर से आए ओम प्रकाश माथुर का शक्ति प्रदर्शन ने प्रदेश भाजपा की गुटबाजी को सामने ला दिया है। माथुर के शक्ति प्रदर्शन से प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं ने दूरी बनाकर रखी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी या अन्य कोई वसुंधरा करीबी नेता ओम माथुर के शक्ति प्रदर्शन में नहीं पहुंचा।
करीब नौ घंटे में दिल्ली से जयपुर अपने निवास पहुंचे माथुर का करीब 10—11 स्थानों पर स्वागत किया गया हैं। माथुर के शक्ति प्रदर्शन के दौरान जो भाजपा विधायक नजर आए है उनमें कैलाश भंसाली, रामहेत यादव, झाबर सिंह खर्रा नजर आए।
हमारा सीएम कैसा हो ओम माथुर जैसा हो
हालांकि ओम माथुर ने भी प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से इंकार किया। लेकिन उनके स्वागत में आए कार्यकर्ताओं के नारे हमारा सीएम कैसा हो ओम माथुर जैसा हो ने उनका ध्यान जरुर आकर्षित किया।
वहीं, उत्तर प्रदेश में चुनावी जीत के बाद जयपुर में कई स्थानों पर लगे बैनरों में मोदी और अमित शाह के साथ केवल ओम माथुर नजर आ रहे है। इनमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे या अन्य कोई नेता नजर नहीं आता है।