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आरसीए में मोदी युग के अंत की शुरुआत, प्रमुख सिपेहसलार ने छोड़ा साथ!

Mon, 24 Apr 2017 12:05 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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ललित मोदी
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राजस्थान क्रिकेट संघ के 26 अप्रेल को प्रस्तावित चुनाव भले ही सस्पेंड हो गए हैं, लेकिन आरसीए में राजनीति चरम पर है। कुछ दिन पूर्व तक वर्तमान चेयरमैन ललित मोदी के बेटे रुचिर मोदी के लिए अध्यक्ष पद की राह जितनी आसान दिख रही थी वह अब मुश्किल हो गई है।
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कांग्रेस दिग्गज और आरसीए के पूर्व चेयरमैन सी. पी. जोशी के अचानक सक्रिय होने के कारण ऐसा माना जा रहा है। रविवार को आरसीए कार्यालय में सी पी जोशी गुट के समर्थकों का जमावड़ा लग गया। ललित मोदी कैंप के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुए नागौर क्रिकेट संघ के सचिव आर एस. नांदू, जो जोशी गुट में जा मिले हैं। नांदू का कहना है कि वह क्रिकेट की भलाई के लिए जोशी गुट से मिले हैं। गौरतलब है कि ललित मोदी वर्तमान में नागौर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष है और नांदू उनके विश्वासपात्र माने जाते रहें है।

क्या मोदी ने कराया चुनाव सस्पेंड
नंबर गेम में सीपी जोशी रुचिर मोदी से आगे निकल गए है। प्रदेश के अधिकतर जिला क्रिकेट संघ का जोशी को साथ मिलने के कारण आरसीए के अध्यक्ष पद की राह रुचिर के लिए मुश्किल हो गई है। अब आरसीए के जानकार कह रहें है कि चुनाव को सस्पेंड कराने में सीनियर मोदी का हाथ हैं। जबकि आरसीए के चुनाव अधिकारी के अनुसार कानूनी पेंच की वजह से चुनाव सस्पेंड हुए है।
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यह है कानूनी पेंच
कानून के जानकारों के अनुसार चुनाव सस्पेंड होने का कारण यह है कि लोढा कमेटी की सिफारिशों को माना जाए या फिर स्पोर्ट्स एक्ट को। क्योंकि यदि लोढा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार चुनाव होगा, तो एक्ट की अवेहलना तय है। जबकि एक्ट के अनुसार आरसीए का चुनाव होने पर सुप्रीम कोर्ट की अवेहलना होगी। वहींं जानकारों का कहना है कि सरकार को अब स्पोर्ट्स एक्ट को वापस ले लेना चाहिए।
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