ज्ञानदेव आहूजा के नेतृत्व बदलने वाले बयान और उसके बाद श्रम मंत्री जसवंत यादव के साथ चल रहे विवाद को संगठन ने गंभीरता से लिया है।
संगठन के नेताओं ने उन्हें बयानबाजी बंद करने की चेतावनी दी है। साथ ही इस मामले में उनके निलंबन के लिए केंद्रीय अनुशासन समिति को सिफारिश किए जाने पर भी विचार करने के संकेत दिए है।
यदि ऐसा होता है तो वे दूसरे विधायक होंगे, जिनके खिलाफ प्रदेश इकाई शिकायत कर रही है। इससे पहले घनश्याम तिवाड़ी के खिलाफ भी पार्टी कार्रवाई की सिफारिश कर चुकी है, हालांकि संगठन ने उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। तिवाड़ी भी सरकार और मुख्यमंत्री पर लगातार निशाना साध रहे है।