रोजदा के ग्रामीण अपने गांव में पूर्ण शराब बन्दी के लिए रविवार को मतदान कर रहे हैं
राजस्थान के एक ओर गांव रोजदा के ग्रामीण अपने गांव में पूर्ण शराब बन्दी के लिए रविवार को 62 फीसदी मतदान हुआ। परिणाम देर रात तक आएंगे।
यह गांव राजधानी जयपुर के नजदीक आमेर तहसील में स्थित है। मतदान आमेर तहसील के अधिकारियों की देखरेख में हुआ। इस गांव के कुल 4482 मतदाताओं में से 2581 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि मतदान का यह प्रतिशत पंचायत चुनाव के लिए हुए मतदान की तुलना कम है लेकिन, इसको लेकर उत्साह सुबह से ही था।
पूर्व विधायक स्वर्गीय गुरूशरण छाबड़ा की बहू और शराबबन्दी के लिए राजस्थान में आन्दोलन कर रही पूनम अंकुर छाबड़ा की टीम अधिक से अधिक मतदान के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। यहां पर शराब बन्दी की मांग को लेकर पिछले 351 दिन से धरना भी दिया जा रहा था।
सबसे ज्यादा उत्साह महिलाओं में है। वे मतदान केन्द्रों के बाहर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आई। मतदान ठीक उसी प्रकार हुआ जैसे विधानसभा, लोकसभा चुनाव में नेता चुनने के लिए किया जाता है। शराब बन्दी के पक्ष में मतदान की अपील के पोस्टर—बैनर भी गांव में लगाए गए।
इस मतदान में शराब बन्दी समर्थन में बहुमत मिलता है तो गांव में शराब की दुकान नहीं खुल सकेगी। शराब बन्दी के लिए आन्दोलन कर रहे संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मतदान के लिए लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए जुटे रहे।