राजस्थान हाईकोर्ट ने बीस साल पहले एनडीएसआई(नेशनल डिसीप्लेन स्कीम इंस्ट्रक्टर) से रिटायर्ड हुए याचिकाकर्ता को पेंशन परिलाभ ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश बलराम वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता केन्द्र सरकार में सीनियर एनडीएसआई था। वहीं बाद में उसे राज्य सरकार की स्कूल में समायोजित किया गया। इस दौरान राज्य सरकार ने 22 दिसंबर 1975 को कुछ कर्मचारियों को पीटीआई ग्रेड-1 का लाभ दिया, लेकिन याचिकाकर्ता को इससे वंचित रखा गया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता से कनिष्ठ कर्मचारियों को परिलाभ दिए जा चुके हैं। ऐसे में याचिकाकर्ता को इससे वंचित नहीं किया जा सकता।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को ब्याज सहित पेंशन परिलाभ अदा करने को कहा है।