राजस्थान विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले में बी.कॉम थर्ड ईयर के पांच पेपर दोबारा करवाने को लेकर विवि में भारी हंगामा हुआ। इसमें छात्रों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके तो वहीं कुलपति की गाड़ी में तोड़फोड़ भी की। मामले को लेकर रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपना रुख स्पष्ट किया।
एबीवीपी की तरफ आयोजित प्रेस वार्ता में कहा गया कि जब कुछ ही केंद्रों पर पेपर लीक हुए हैं, तो उन्हीं केंद्रों की परीक्षा फिर से आयोजित करवाई जानी चाहिए। इस तरह सभी के पेपर निरस्त करवाने का क्या औचित्य है।
एबीवीपी का कहना था कि पुलिस ने भी गलत तरह से कार्रवाई की है। कोर्ट ने शनिवार को एबीवीपी से जुड़े आठ छात्रों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। उन्हें तोड़फोड़ के मामले में जेल भेजा गया है। गौरतलब है कि पुलिस ने 15 छात्रों को हिरासत में लिया था, जिनमें 8 छात्र एबीवीपी के बताए जा रहे हैं।
एबीवीपी ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को गुहार लगाने की बात कही है। सीएम से पुलिस की द्वेषपूर्ण कार्रवाई की शिकायत की जाएगी।