आर्थिक आधार पर सवर्ण आरक्षण की मांग को लेकर करणी सेना समेत विभिन्न संगठनों की ओर से शुक्रवार को जयपुर में किया गया प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर जमकर हंगामा किया। करीब एक दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ की, टायरों में आग लगा दी। बाद में इस मांग को लेकर इन प्रदर्शनकारियों ने पड़ाव डाल दिया। उधर, इस मामले को लेकर सरकार के स्तर पर बातचीत भी शुरू हो गई।
सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी दोपहर को गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर एकत्र हुए और विधानसभा के लिए कूच किया। इन्हें चौमूं हाउस सर्किस पर पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। उधर, कुछ प्रदर्शनकारी बाइस गोदाम पुलिया के पास भी नारेबाजी करते हुए जमा हो गए और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलने की मांग करने लगे। पुलिस ने इन्हें रोका तो पुलिस से धक्का—मुक्की करते ये प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय पर पहुंच गए। वहां आक्रोशित भीड़ ने पोस्टर—बैनर फाड़ दिए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो ये लोग और ज्यादा उग्र हो गए। इन्होंने वहां खड़ी दर्जनभर गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। भीड़ ने वहां टायरों और कचरे में आग लगा दी।इस दौरान पत्थरबाजी भी की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने भाजपा कार्यालय पर पड़ाव की घोषणा कर दी। मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थितियां बनी हुई है।
सवर्ण आरक्षण अधिकार आंदोलन के प्रवक्ता करण राठौड़ ने बताया कि इस रैली में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ, राजस्थान प्रदेश वैश्य महासभा व प्रदेश अग्रवाल महासभा के प्रतिनिधि हुए। करण ने बताया कि राजस्थान सरकार यदि सवर्णों को वास्तविकता में आरक्षण का लाभ देना चाहती है तो तुरंत 14 प्रतिशत आरक्षण बिल को लागू कर दे। यदि ऐेसा नहीं होता है तो तब तक सरकारी नौकरियों पर पाबंदी लगाई जाए या शेडो पोस्ट खाली छोड़ी जाए। इसे लेकर ही सवर्ण समाज एक मंच पर आए हैं।