राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण मंडल से बिना एनओसी लिए चल रही फैक्ट्रियों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि जेवीवीएनएल इन फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन भी काटे। अदालत ने कहा कि कानून की पालना न करने वाली फैक्ट्रियों को चलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके अलावा रीको 2003 में दिए आदेश की पालना में कार्रवाई करे।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश मुकेश मीणा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि सांगानेर क्षेत्र में फैक्ट्रियां बिना एनओसी लिए चल रही हैं। कई फैक्ट्रियां औद्योगिक भूमि पर भी नहीं है। इन फैक्ट्रियों से भंयकर वायू प्रदूषण होता है। इनमें भारी मात्रा में प्लास्टिक जलाया जा रहा है। इसके साथ ही इनसे निकलने वाले विषाक्त पानी से जमीन खराब हो रही है।
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने 7 मार्च 2003 को रीको को आदेश दिए थे कि इनके लिए अलग से औद्योगिक क्षेत्र घोषित करे और इनके लिए एसटीपी प्लांट लगाने की कार्रवाई करे। इसके बावजूद भी इन्हें यहां से शिफ्ट नहीं किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2009 में राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि किसी भी तरह के कानून की अवहेलना करने वाली फैक्ट्रियों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने बिना एनओसी लिए चल रही फैक्ट्रियों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं।