राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती-2013 में एकलपीठ के आदेश पर लगी रोक को हटाते हुए कहा है कि एकलपीठ के आदेश के अनुरूप आरपीएससी की ओर से जारी द्वितीय उत्तर कुंजी के आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
अदालत ने कहा है कि जिन्हें तृतीय उत्तर कुंजी के आधार पर नियुक्ति दी गई है, उन्हें पद पर नहीं रखा जाए। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 9 नवंबर 2017 को तय की है। न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीतसिंह की खंडपीठ ने यह आदेश पंकज ओसवाल, राज्य सरकार और आरपीएससी की ओर से दायर अपीलों पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए।
मामले के अनुसार आरपीएससी ने अंतिम परिणाम जारी करने से पूर्व तीन बार उत्तर कुंजी जारी की। तीसरी उत्तर कुंजी को चुनौती देने पर हाईकोर्ट ने द्वितीय उत्तर कुंजी के आधार पर नियुक्तियां देने को कहा। इस आदेश को अपील में यह कहते हुए चुनौती दी गई कि एकलपीठ को विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अपील पर एक पक्षीय सुनवाई करत हुए खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाई थी।
इस पर राज्य सरकार ने तीसरी उत्तर कुंजी के आधार पर करीब 3500 अभ्यर्थियों को नियुक्त कर दिया। अदालत ने आज दोनों पक्षों को सुनने के बाद एकलपीठ के आदेश पर लगी रोक को हटाते हुए द्वितीय उत्तर कुंजी के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के आदेश दिए।