राजस्थान हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता परसराम मोरदिया के बेटे राकेश मोरदिया और उनकी फर्म एमजीएम कंपनी के खिलाफ मार्बल के अवैध खनन के मामले में 278 करोड़ रुपए की वसूली के आदेश को रद्द कर दिया है।
इसके साथ ही अदालत ने सक्षम अधिकारी को सभी पक्षों को सुनकर तीस दिन में आदेश जारी करने को कहा है। अदालत ने इसके लिए याचिकाकर्ता सहित सभी पक्षों को 12 जून को सक्षम अधिकारी संयुक्त खान सचिव के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश राकेश मोरदिया और एमजीएम कंपनी ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि खान विभाग ने मोरदिया को मार्बल का अवैध खनन करने के आरोप में 278 करोड़ रुपए का वसूली नोटिस दिया था।
इस आदेश के खिलाफ अपील पर अतिरिक्त खान निदेशक ने मई 2016 में वसूली आदेश को रद्द कर दिया था। इस आदेश को शिकायतकर्ता छोटेलाल ने संयुक्त सचिव खान के समक्ष चुनौती दी, जो अब लंबित चल रही है। इस बीच सरकार ने 2017 के नए नियमों के तहत अपीलीय अधिकारी के आदेश को रद्द करके वसूली करने के निर्देश दिए। सरकार के आदेश की पालना में खान अभियंता झुंझुनूं ने 25 अप्रेल 2017 को 278 करोड़ रुपयों की वसूली आदेश जारी कर दिए।
वसूली के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देकर कहा कि वसूली नोटिस जारी करने से पहले याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। इस पर अदालत ने 25 अप्रेल 2017 के वसूली आदेश को रद्द करते हुए सक्षम अधिकारी को सभी पक्षों को सुनकर 30 दिन में आदेश देने के निर्देश दिए
हैं।