किसी भी फसल की बंपर आवक नेताओं और सरकारों को अपनी पीठ थपथपाने का मौका तो देती है लेकिन अन्नदाता को परेशान करने वाली होती हैं।
क्योंकि किसान को फसल की बंपर आवक होने पर उचित दाम नहीं मिल पाता है। इसी का परिणाम है कि राजस्थान में भी किसानों की आत्महत्या का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। शुक्रवार को कोटा में एक किसान ने आत्हत्या की तो आज सुबह अजमेर में एक अन्नदाता ने कूएं में कूदकर जीवनलीला समाप्त कर ली।
जानकारी के अनुसार कुचमान सिटी क्षेत्र के हरिपुरा में प्रभुराम नाम के किसान ने आत्महत्या कर ली। प्रभुराम प्याज के उचित दाम नहीं मिलने से कई दिनों से परेशान था। इससे पूर्व पिछले दो माह राजस्थान में तीन किसान आत्महत्या कर चुके है।
ये तीनों ही किसान कोटा संभाग के थे जो कि लहसुन के दाम नहीं मिलने से परेशान थे। वहीं सरकार किसानों की हो रही आत्महत्या को लेकर अभी तक चुप्पी साधे हुए है।