एनआईए मामलों की जयपुर स्थित विशेष अदालत ने आईएसआईएस के लिए काम करने के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद सिराजुद्दीन पर विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप तय किए हैं। आरोपी ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए मामले की ट्रायल चाही।
इस पर अदालत ने एक जून से अभियोजन पक्ष को गवाहों के बयान दर्ज कराने को कहा है। मामले के अनुसार एटीएस ने आईओसी में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम
करने वाले आरोपी सिराजुद्दीन को 10 दिसंबर 2015 को गिरफ्तार किया था। वहीं गत वर्ष 4 जून को उसके खिलाफ एनआईए ने आरोप पत्र पेश किया था। जिसमें कहा गया कि आरोपी फेसबुक, वॉटसएप और टेलीग्राम सहित अन्य हाईटेक माध्यमों से युवाओं को आईएसआईएस में शामिल करने के लिए उकसाता था।
एटीएस की ओर से गत 10 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जांच में बता चला कि वह भारत में आईएसआईएस का ठिकाना बनाना चाहता था। वहीं गजवा-ए-तुल चैनल में उसने कश्मीर के आंतकियों को शहीद भी बताया था। उसके कब्जे से ओसामा बिन लादेन, मौलाना अनवर अवलाकी, मौलाना आसिम उमर आदि के भाषण और पुस्तके भी बरामद की हैं। आरोपी कश्मीर को इस्लामिक स्टेट बताकर भारत को अवैध कब्जा करने वाला बताता था। आरोप पत्र में कहा गया कि यहां आईएसआईएस का नेटवर्क तैयार होने के बाद वह आरोपी लीबिया जाने वाला था।