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इस किताब में 'रानी लक्ष्मीबाई' को बताया अंग्रेज अफसर की प्रेमिका!

Mon, 27 Nov 2017 05:28 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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जयश्री मिश्रा की विवादित किताब - फोटो : Amar Ujala
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पद्मावती विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है कि एक नया विवाद झांसी की रानी पर लिखी किताब को लेकर शुरू हो गया है। इस पुस्तक में झांसी की रानी को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहरा गया है।  
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लेखिका जयश्री मिश्रा की किताब 'रानी' पर यह विवाद शुरू हुआ है। यूं तो यह किताब करीब 10 पहले लिखी गई थी, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर इसको लेकर खासी चर्चा है। दरअसल, इस किताब में ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट एलिस नाम के एक पॉलिटिकल एजेंट से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बीच प्रेम संबधों का जिक्र किया है। 

आपको बता दें कि इस किताब को उत्तरप्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार में साल 2008 में बैन लगा दिया गया है, लेकिन यह किताब आॅनलाइन उपलब्ध है। इस किताब की  लेखिका जयश्री मिश्रा यूके में रह रही है, जिन्होनें इस किताब को हिस्टॉरिकल फिक्शन का रूप दिया था। इस किताब के पेज नंबर 212 पर ये विवादित कथन लिखा हुआ है। 
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किताब में लिखीं ये लाइनें है विवादित

किताब में लिखीं विवादित लाइनें
लेखिका जयश्री मिश्रा  अपनी किताब 'रानी'में लिखती हैं कि एक प्रेम कहानी ​जो कभी कही ना गई हो और अधूरी हो उसे कहने से पहले मैं जानती हूं कि मैं हर हिंदूस्तानी शख्स के जज्बातों से खेल रही हूं जिन्हें रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य और पराक्रम के बारे में बड़ी गहनता से पढ़ाया गया है।

लेकिन मेरे अं​दर की महिला इन सब बातों को दरकिनार करते हुए मुझे ये सोचने पर मजबूर करती है कि किसी महिला में इतने शौर्य का संचार कहां से हो सकता है जबकि वो एकदम अकेली थी। मैं आज भी उस महिला को महसूस कर सकती हूं जो कभी ना कभी कहीं ना कहीं से उड़ती हुई मुझ तक आ पहुंचती है। 
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इतिहासकार बोले सस्ती लोकप्रियता के लिए हो रहा है ये सब

रानी लक्ष्मीबाई - फोटो : SELF
राजस्थान के जाने माने इतिहासकार आरएस खंगारोत ने इस मामले मीडिया में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजकल फिक्शन के नाम पर कुछ भी परोस देना फैशन बन गया है। जिसमें छोटे—मोटे इतिहासकार ऐसे बेहूदा तथ्य पेश करके अपना नाम कर लेते हैं। इतिहास के तथ्यों में बदलाव करके कोई भी कुछ भी लिख देता है और कोई उठाकर फिल्में बनाने लग जाता है।

खंगारोत ने कहा कि भारत के हिस्टॉरिकल पर्सनैलिटिज को लगातार टार्गेट किया जा रहा है। ये लोग इतिहास और उपन्यास में फर्क करना भूल गए है। इतिहास कभी भी कल्पना पर आधारित नहीं हो सकता। इधर, जयपुर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी सरकार से ऐसे लोगों पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होनें कहा कि देश में फ्रीडम आॅफ एक्सप्रेशन के नाम पर कुछ भी बेचा जा रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए। 
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