नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों की सूची आदेश के बाद भी पेश नहीं किए जाने पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल पर दो लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने आदेश में संशोधन करने से इंकार करते हुए चार दिसंबर तक सूची पेश करने के आदेश दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने यह आदेश देवी राम खत्री की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। गत सुनवाई को ट्रिब्यूनल ने बोर्ड पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाते हुए अवैध फैक्ट्रियों की सूची पेश करने में विफल रहने पर जुर्माना दोगुना करने को कहा था। इसके बावजूद भी बोर्ड की ओर से सूची पेश नहीं की जा सकी। राज्य सरकार की ओर से सूची पेश करने के स्थान पर पूर्व में दिए इस आदेश में संशोधन करने का प्रार्थना पत्र पेश किया। जिसे ट्रिब्यूनल ने खारिज करते हुए 4 दिसंबर तक सूची पेश करने को कहा है।
याचिका में कहा गया कि प्रदेश में बिना अनुमति सैकड़ों अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं। जबकि इन्हें भू-जल बोर्ड से अनुमति लेनी पड़ती है। भू-जल बोर्ड की एनओसी के बिना ही प्रदूषण बोर्ड फैक्ट्री संचालित करने की अनुमति दे देता है। जिस पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने प्रदूषण बोर्ड को आदेश जारी ऐसी फैक्ट्रियों की सूची पेश करने को कहा था। इसके साथ ही बोर्ड पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाते हुए चेतावनी दी थी कि यदि सूची पेश नहीं हुई तो हर्जाना दुगना हो जाएगा।