प्रदेश के लाखों किसानों के लिए एक खुशखबरी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कृषि कनेक्शन नीति-2017 के प्रावधानों का अनुमोदन किया है।
नई नीति में बीपीएल लघु सीमान्त किसानों को 5 एचपी तक के कृषि कनेक्शन के लिए डिमांड नोट जारी करने में तीन साल तक की ओवरराइडिंग प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। यही प्राथमिकता इंदिरा गांधी नहर परियोजना की मुख्य नहर के दोनों तरफ एक किलोमीटर की दूरी में 5 एचपी तक कृषि कनेक्शन का आवेदन करने वाले सेम की समस्या से प्रभावित किसानों को भी दी जाएगी। इस कोटे का लाभ उठाने वाले उपभोक्ता अपने कृषि कनेक्शन में लोड का इजाफा उस क्षेत्र में उनकी प्राथमिकता के बराबर सामान्य कृषि योजना के कनेक्शन जारी होने की तिथि अथवा कनेक्शन जारी होने से अधिकतम तीन साल पूरे होने की तिथि, जो भी पहले हो, उसके बाद करवा सकेंगे। नई कृषि नीति में उपभोक्ता के कटे कनेक्शनों को पुनः जुड़वाने के मामलों में देय राशि पर ब्याज की दर 16 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की गई है।
नई नीति लागू होने के बाद राज्य के तीनों विद्युत वितरण निगमों द्वारा संचालित सौर ऊर्जा चलित पम्प सेट योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को दूसरा कृषि कनेक्शन सामान्य श्रेणी में देय नहीं होकर अन्य योजना में देय होगा। ऎसे आवेदकों को लाइन तथा सबस्टेशन की कीमत देनी होगी परन्तु टैरिफ सामान्य योजना का ही देय होगा।