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आज राजपूतों की तो कल मुस्लिम भावना के साथ खेलेंगे ये लोग - दरगाह दीवान

Sat, 18 Nov 2017 01:36 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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दरगाह दीवान - फोटो : अमर उजाला
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सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के वंशज एवं वंशानुगत सज्जादानशीन दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने आज फिर आह्वान किया है कि 'पद्मावती' को लेकर मुसलमान खुलकर राजपूतों का साथ दें।
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सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने बॉलीवुड पर निशाना साधते हुए कहा, 'ये लोग आज राजपूतों की भावनाओं से खेल रहे हैं, ठीक इसी तरह कल मुसलमानों की भावनाओं से खेलेंगे।' उन्होंने कहा कि राजपूतों का इतिहास सदैव गौरवशाली रहा है। रानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करनेवाली 16 हजार महिलाओं ने राजपूतों को ही नहीं सभी समाजों को गौरवान्वित किया है।

रानी पद्मावती के जौहर के लिए सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा कि इतिहास की ऐसी दुर्लभ घटनाएं राजस्थान ही नहीं पूरे देश का सिर ऊंचा कर देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे इतिहास के साथ छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
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पीएम स्वयं देखें ये फिल्म, फिर करें कोई निर्णय - जैनुल आबेदीन

PM NARENDRA MODI
सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने प्रधानमंत्री से गुहार की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस फिल्म को खुद देखें और इस फिल्म का भविष्य तय करें। उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती और राजपूतों के इतिहास से यहां के मुसलमानों भी गौरवान्वित होते हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले भी सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा था कि राजपूतों का साथ देने के लिए मुसलमानों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा था, जिसमें उन्होंने संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म पद्मावती के विरोध का समर्थन करते हुए संजय लीला भंसाली की तुलना सलमान रश्दी, तस्लीमा नसरीन और तारिक फतेह से कर दी थी।

उन्होंने कहा था कि भंसाली ने इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पद्मावती फिल्म का निर्माण करके देश के राजपूत समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।
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