अजमेर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पप्पू उर्फ झंडा
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एक बर्खास्त सिपाही को गोलियों से भूनने वाला फरार ईनामी बदमाश लंबे समय के बाद आज पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अजमेर की कोतवाली थाना पुलिस ने बर्खास्त सिपाही की हत्या के मामले में फरार चल रहे ईनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। बदमाश पर राजस्थान पुलिस ने पांच हजार रूपए का ईनाम घोषित कर रखा था और वो पिछले लंबे समय से फरार चल रहा था।
अजमेर उत्तर वृताधिकारी डीएसपी राजेश मीणा ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के इंडोर स्टेडियम के बाहर बर्खास्त सिपाही धर्मेन्द्र चौधरी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का मुख्य आरोपी संजय मीणा पूर्व में गिरफ्तार हो चुका था जबकि उसका साथी पप्पू उर्फ झंडा जिस पर कि पांच हजार का ईनाम था वह फरार चल रहा था। मीणा ने बताया कि कोतवाली थानाधिकारी बनवारी लाल मीणा पिछले 13 दिन से दिल्ली, भरतपुर सहित कई अन्य स्थानों पर दबिश दे चुके थे लेकिन पप्पू हर बार गच्चा देकर निकल जाता।
इस बार थानाधिकारी मीणा ने झंडे को दौसा के महुआ में शराब पीते हुए दबोच लिया। उन्होंने कहा कि आरोपी झंडे ने पुलिस से बचने के लिए खुदकुशी का भी प्रयास किया था मगर पुलिस ने उसे ऐसा करने से पहले ही रोक दिया।
डीएसपी मीणा की मानें तो झंडा इतना शातिर है कि कभी भी मोबाईल नहीं रखता और हमेशा किसी अन्य के फोन से बात करके सामने वाले तक मैसेज पहुंचा देता था। पुलिस अब पप्पू उर्फ झंडे को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इससे पहले इस शातिर अपराधी पर हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, मारपीट सहित कई प्रकरण दर्ज हैं।