गुजरात में जन्मी प्री-मैच्योर बेबी की जान बचाने के लिए राजस्थान से मां का दूध भेजा गया। इसके लिए सरकार से विशेष मंजूरी ली गई।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के उदयपुर स्थित सांई तिरुपति यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार देवेंद्र जैन की पत्नी के अहमदाबाद में प्री-मैच्योर डिलिवरी हुई। डॉक्टरों के अनुसार दिए गए निर्धारित समय से एक महिने पहले जन्मी बच्ची स्वास्थ्य के लिहाज से काफी कमजोर थी। जन्म के समय अगस्त में बच्ची का वजन केवल 850 ग्राम बताया गया। ऐसे में उसे स्वस्थ रखने के लिए मां के दूध की जरूरत थी, लेकिन प्री-मैच्योर डिलिवरी होने के कारण मां के दूध उसे नहीं मिल सका। फिर इंतजार किया, लेकिन समस्या जस की तस रही। दो महीने गुजरने के बाद भी बच्ची का वजन केवल 1360 ग्राम ही दर्ज किया गया।