दो साल की मिष्टी ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि
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कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए जांबाज राजेन्द्र नैण का आज उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ। उनकी दो वर्षीय बेटी मिष्टी ने मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद सबकी आंखें नम हो गई।
सीआरपीएफ में बी बटालियन 130 में तैनात राजेन्द्र नैण का आज चूरू जिले में स्थित उनके पैतृक गांव गौरीसर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को जब उनके शहीद होने की खबर गांव में पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया था। आज सुबह जैसे ही राजेंद्र नैण की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव गौरीसर पहुंची जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के बड़ी संख्या में ग्रामीण,जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहें।
इससे पहले शहीद राजेन्द्र के शव पर देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवां, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, सीआरपीएफ अधिकारी, जिला कलक्टर ललित गुप्ता व जिला पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने पुष्पचक्र अर्पित किए।
चूरू का लाल राजेन्द्र अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़कर देश के लिए कुर्बान हो गया। एक किसान का बेटा राजेन्द्र दो साल पहले ही सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था और श्रीनगर में उसकी पोस्टिंग हुई थी। राजेन्द्र के दो भाई और दो बहनें है जिनमें से एक बहन राजेन्द्र से छोटी है। राजेन्द्र की पत्नी प्रियंका गृहिणी है और उसकी बेटी मिष्टी अभी महज दो साल की ही है। जानकारी के अनुसार, राजेंद्र 20 दिन पहले ही 15 दिन की छुट्टियां बिताकर ड्यूटी पर गए थे।