अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते मंत्री
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महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कम ब्याज पर 10 करोड़ रुपए का अलग से ऋण वितरित किया जाएगा। यह कहना था सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक का। वे सोमवार को राजफैड के सभागार में आयोजित सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि देश के महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष रूप से सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि धौलपुर में कार्य कर रही महिला एसएचजी को जिनसे लगभग 45 हजार महिलाएं जुडी हैं, को विशेष रूप से सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों का चयन किया जाएगा, जिनमें पैक्स और लेम्पस के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के हिसाब से महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
किलक ने कहा राज्य सरकार किसानों की आय को 2022 तक आय को दुगना करने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों तथा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वाली समितियों को ब्याज अनुदान के साथ-साथ 100 से 250 मै.टन क्षमता के गोदाम के लिए विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमारी मंशा किसानो की आमदनी दुगनी करना है। ऎसे निर्णयों से किसान अपनी उपज को आवश्यकतानुसार गोदामों में रख पाएगा। चूंकि फसल पकने के तुरन्त बाद बाजार में कई बार फसल का उचित मूल्य मिल पाना संभव नहीं हो पाता है। ऎसे में किसान को फसल का भण्डारण करने की निःशुल्क सुविधा मिल पाएगी एवं आवश्यकतानुसार कम ब्याज पर ऋण लेने का और उसे अपनी उपज को उचित मूल्य मिलने पर बेचने की सुविधा का विकल्प मिल पाएगा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज सहकार दुर्घटना बीमा योजना के तहत 6 लाख रुपए का बीमा किया जा रहा है। अब किसानों को आगजनी जैसी दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए शीघ्र ही बीमा योजना लाई जाएगी। चूंकि किसानों को अभी तक आगजनी होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कोई बीमा योजना नहीं है। इसके लाने से किसानों को राहत मिल पाएगी।
किलक ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं उनके स्तर से की गई घोषणाओं की क्रियान्विति को देखने के लिए एक विजीलेंस टीम का गठन किया जाएगा, जो जिला स्तर पर जाकर रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि बडे़-बडे़ लोन के साथ छोटे-छोटे लोन पर भी ध्यान दिया जाए। जिससे ग्रासरूट लेवल के व्यक्ति को ऊपर उठाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इस बात की समीक्षा की जाए कि प्रदेश में लोन का ट्रेंड क्या चल रहा है और उसी के अनुरूप लोगों को लोनिंग की जाए।