जम्मू कश्मीर में आई बाढ़ और बर्फबारी का असर उत्तर भारत में दिखने लगा है। राजस्थान में आधे से ज्यादा जिलों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के नीचे आ गया है।
प्रदेश में गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली हुई है। अप्रेल के महीने में सूरज मद्धम हो गया है या यूं कहें कि सूरज का जोर अब प्रदेश में नहीं चल रहा है। आधे से ज्यादा राजस्थान में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। इसके चलते घरों में भी पंखे की हवा ही पर्याप्त लग रही है। अप्रेल के महीने में ऐसा कम ही देखने को मिलता है, लेकिन इस बार कश्मीर में आई बाढ़ और बर्फबारी ने लोगों को गर्मी से राहत प्रदान की है। उधर, राजधानी सहित कई जिलों के लोग भी मौसम के बदलाव से खुश हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी का असर कम होने से इसका असर बिजली के बिल पर भी पड़ेगा। यदि कुछ दिन और ऐसे ही मौसम में ठंडक रही तो बिजली का बिल भी कम ही आएगा।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जयपुर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस, अजमेर में 34.5, पिलानी में 33.6, कोटा में 36.4, बाड़मेर में 36.4, जैसलमेर में 34.2, जोधपुर में 36, बीकानेर में 34.5, चूरू में 35.5, श्रीगंगानगर में 33, सिरोही में 28, अलवर व भरतपुर, भीलवाड़ा में 35, सवाई माधोपुर में 37, चित्तौड़गढ़ में 36 और उदयपुर में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बूंदी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।