राजस्थान दिवस पर रंगारंग कार्यक्रमों की धूम। गणगौर के गीत और घेवर की मिठास। गुरुवार को यह एक साथ नजर आ रहा है। राजस्थान की इस संस्कृति और परम्परा से रूबरू होने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी भी राजस्थान आए हुए है।
राजस्थान दिवस 30 मार्च को मनाया जाता है। इस बार संयोग से राजस्थान का प्रमुख लोक पर्व गणगौर भी इसी दिन है। राजस्थान स्थापना दिवस पर चार दिवसीय समारोह का समापन गुरुवार को हो रहा है। अल्बर्ट हॉल पर शाम का रंगारंग कार्यक्रम होगा। इस दौरान कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास और विनीत चौहान जैसे कवि अपनी रचनाओं से मंत्रमुग्ध करेंगे।
राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर समेत अन्य इलाकों में गणगौर पर्व भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। बीकानेर में घुड़ला घुमाया जाएगा तो उदयपुर में झील के किनारे गणगौर का मेला आयोजित होगा। जयपुर में शाम को गणगौर की शाही सवारी निकाली जाएगी।
घरों में भी गणगौर पूजा आयोजित हो रही है। गणगौर के पूजन के साथ गीत गूंज रहे हैं। सजी— प्रमुख मिठाई घेवर भी गणगौर पर लोकप्रिय है। इस मिठाई की धूम विदेशों तक है।
राजस्थान दिवस पर कवि सम्मेलन
राजस्थान दिवस पर गुरुवार को होने वाले मुख्य कार्यक्रम अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन व लेजर शो होगा। इससे पूर्व दिन में शॅर्ट फिल्म् फेस्टिवल भी आयोजित होगा। जबकि अल्बर्ट हॉल के बाहर शाम को होने वाले कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास और विनीत चौहान जैसे कवि लोगों के अपनी कविताओं से मंत्रमुग्ध करेंगे। इन कार्यक्रमों में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के अतिरिक्त मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल व हीरो के सीएमडी व सीईओ पवन मुंजाल भी सम्मलित होंगे।
विदेशी सैलानियों का जमघट
इन दोनों आयोजनों को लेकर विदेशी सैलानियों में खासा उत्साह रहता है। राजस्थान पर्यटन विकास निगम की ओर से भी सैलानियों के लिए खास इंतजाम किए है। चौड़ा रास्ता में पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है। यहां से ये गणगौर की सवारी का लुत्फा उठा सकेंगे।