पुलिस के गश्ती वाहन से एक ग्रामीण की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है जिसके बाद इस गांव में पुलिस का अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।
जोधपुर शहर के निकटवर्ती धुंधाड़ा गांव में पुलिस के चेतक वाहन की टक्कर से मरने वाले डूंगरराम पटेल के आश्रितोंं को मुआवजा दिलाने और कार्रवाई की मांग को लेकर आज सुबह धुंधाड़ा गांव के लोगों ने रास्ता जाम करते हुए टायर जलाकर प्रदर्शन किया।
परिजनों ने मुआवजा नहीं मिलने की सूरत में शव को उठाने से इंकार कर दिया। शव आज दोपहर तक अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा। घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ लूणी व सिवाना एसडीएम ओट लूणी विधायक जोगाराम पटेल भी मौजूद है।
संदिग्ध कार का पीछा कर रही थी पुलिस
मुआवजे की मांग को लेकर धरना देते ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को पुलिस के चेतक वाहन ने संदिग्ध बोलेरो का पीछा किया था। तब यह गाड़ी धुंधाड़ा के पास एक वर्कशॉप के निकट ट्रैक्टर से टकरा गई जिसमें ट्रैक्टर चालक डूंगरराम घायल हो गया था। घायल डूंगरराम को मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
गांव में डूंगरराम की मौत की खबर फैलते ही रात को ही मृतक के परिजनों एवं पुलिस के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। हालांकि लूणी पुलिस थाने में रात तक पुलिस के चेतक वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
चेतक का चालक गणेश राम भी इस दुर्घटना में घायल हो गया था, जिसका उपचार जारी है। इधर, आज सुबह फिर ग्रामीण एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। परिजन मृतक के आश्रितों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे है।
अभी तक ग्रामीणों की मांगों पर सहमति नहीं बनने से शव का पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया जा सका। लूणी व सिवाना एसडीएम, एडीसीपी पश्चिम विनित कुमार शर्मा, एसीपी सिमरथाराम आदि ग्रामीणों से समझाइश व बातचीत कर रहे है। फिलहाल शव एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखा है।