राज्य में सरकार के बाद कांग्रेस में लोकसभा सीटें हासिल करने की आस बढ़ी है। लेकिन, मत प्रतिशत के लिहाज से दोनों दलों के वोट प्रतिशत में ज्यादा अंतर नहीं रहा। कांग्रेस, भाजपा के मुकाबले मात्र 0.5 वोट शेयर ही अधिक हासिल कर सकी। कांग्रेस का वोट शेयर 39.80 प्रतिशत रहा, तो भाजपा का 38.8 प्रतिशत। कांग्रेस के लिए इतनी राहत जरूर थी कि 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत ठीक-ठाक बढ़ा।
लोकसभा 2014 में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 30.36 था, जो गत दिसंबर के विधानसभा चुनाव में बढ़कर 39.3 हो गया। मोदी लहर के चलते 2014 के लोस चुनाव में वर्ष 2009 के मुकाबले कांग्रेस का वोट शेयर 16.83 प्रतिशत गिर गया था। वर्ष 2013 के विधानसभा व 2014 के लोस परिणाम से निराश कांग्रेस को दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में नई ऊर्जा व उत्साह मिला। भाजपा के तेज-तर्रार प्रचार के बीच कांग्रेस को अपने प्रदर्शन को इस लोकसभा चुनाव में भी बनाए रखने का भारी दबाव है।