जयपुर के विद्याधर नगर में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में एक परिवाद अदालत में पेश किया गया है। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी।
एक माह पूर्व हुए इस हादसे को लेकर महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-19 अदालत में परिवाद पेश किया गया है। प्रमोदकुमार अग्रवाल की ओर से पेश परिवाद में जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी, नगर निगम आयुक्त रवि जैन और फायर आयुक्त शिप्रा शर्मा सहित अन्य अफसर-कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। परिवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने परिवादी को 23 फरवरी को पेश होकर इस संबंध में साक्ष्य पेश करने को कहा है। परिवाद में कहा गया कि गत 13 जनवरी को संजीव गर्ग के घर आग लगने की सूचना फायर बिग्रेड और पुलिस को दी गई थी। इस पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन दमकल करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंची।
परिवाद में आरोप लगाया गया कि दमकलकर्मियों के पास पर्याप्त संसाधन ही नहीं थे। यदि वे संसाधनों सहित आते तो दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इसके अलावा दमकलकर्मियों के देरी से आने के कारण आग ने भीषण रूप ले लिया। जिसके चलते संजीव गर्ग के पिता और संतानों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। ऐसे में जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाए।