लश्कर ए तैयबा के मंसूबे भारत को लेकर किसी से छिपे नहीं है। लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों की सजगता के चलते वर्ष 2010 में गिरफ्तार आठ आतंकियों से हुए खुलासे ने जांच एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया था।
आज जयपुर की एडीजे कोर्ट 17 ने लश्कर ए तैयबा के जिन आठ आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, उनका मुख्य मकसद वीएचपी के प्रवीण तोगड़िया और शिवसेना के बाला साहेब ठाकरे को मारना था।
एडीजे कोर्ट 17 ने अपने फैसले में भी कहा है कि इन आतंकियों ने दोनों नेताओं को मारने वाले प्लान के लिए कोड वर्ड तैयार किए हुए थे। उनके कोड वर्ड थे कि प्रवीण तोगड़िया और बाला साहेब ठाकरे पर फिल्म बनानी है, जिसका मतलब था कि दोनों को मारना है।