कतार में लगे श्रद्धालु
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जानकारी के मुताबिक साल दो हजार तक मंदिर का मेला परिसर तक ही सीमित था। इसके बाद यह कबूतरिया चौक तक पहुंचा और फिर भक्तों के रेला बढ़ने के साथ ही यह मेला रींगस रोड से चारण मैदान, लामिया तिराहे तक फैल गया। मेले में स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा मुम्बई, कोलकाता आदि से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने आते हैं।
जानकारी के मुताबिक खाटूश्यामजी में बाबा श्याम का मंदिर वर्ष 1777 में स्थापित हुआ था। तब लोग ऊंटगाड़ी व बैलगाड़ी पर सवाल होकर आते थे। वर्ष 1980 में भक्तों की संख्या में इजाफा होना शुरू हुआ, जो आज भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सैकड़ों से हजारों और तो श्रद्धालुओं की संख्या लाखों का पार करने लगी है।