देश में कानून ही सबकुछ है और कानून सभी के लिए समान है। इसी का नजारा शुक्रवार को करौली के हिण्डौन सिटी में देखने को मिला। जब न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल ने एक पुलिसवाले को एक घंटे धूप में खड़े रहने की सजा सुना दी।
दरअसल सदर थाने में तैनात कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह को यह सजा इसलिए मिली क्योंकि वह एक मारपीट के मामले में जमानती वारंट तामील नहीं करा पाया था। इसी से नाराज होकर मजिस्ट्रेट ने सिंह को धूप में खड़े रहने की सजा सुना दी। गौरतलब कि शुक्रवार को करौली का अधिकतम तापमान 44 डिग्री के करीब था। कांस्टेबल सिंह जब धूप में खड़ा होकर सजा पूरी कर रहा था तब यह सजा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। कांस्टेबल को मिली सजा को देखने और मोबाइल में कैद करने के लिए खासी भीड़भाड़ रही।