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तीन तलाक: यहां की अदालत पहले ही कह चुकी है, शरियत के हिसाब से तलाक अधूरा

Tue, 22 Aug 2017 03:36 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो - फोटो : फाइल फोटो
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तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है। फैसले में तीन तलाक को असंवैधानिक बताया गया है। इससे पहले जोधपुर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि शरीयत के हिसाब से दिया गया तलाक अधूरा है।
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राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने अधूरे तलाकनामे को आधार मानते हुए पिछले दिनों पति के दूसरे निकाह पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश दिए थे। मामले के तहत अमरीन बानो ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपने मासूम के साथ पहुंचकर याचिका पेश करते हुए इस सम्बंध में गुहार लगाई थी। इसमें उसने बताया था कि उसका पति वसीम शरीयत कानून से तलाक देकर आज दूसरा निकाह करने जा रहा है। उसके घर पर निकाह की तैयारिया चल रही है।

इस पर जस्टिस विजय विश्नोई की अदालत ने तत्काल नोटिस जारी कर पुलिस को वसीम को पेश करने के आदेश दिए। इस दौरान सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि शरीयत कानून से दिया गया तलाक अधूरा है, उसमें कई त्रुटियां हैं।
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कोर्ट ने कहा, इस तलाक में हैं कई त्रुटियां

फाइल फोटो - फोटो : फाइल फोटो
शिव कॉलोनी में रहने वाली अमरीन बानो पुत्री मोहम्मद अयुब ने हाईकोर्ट में याचिका पेश करते हुए बताया था कि उसके पति वसीम ने शरीयत कानून के तहत उसे तलाक दिया है जो अभी तक अधूरा है उसमें कई त्रुटियां हैं।

याचिका में बताया गया था कि अमरीन बानो इस तलाक को नहीं मानती, इसके बावजूद उसका पति वसीम आज शाम को दूसरा निकाह करने जा रहा है। इस पर जस्टिस विजय विश्नोई की अदालत ने एएजी शिवकुमार व्यास को बुलाकर नोटिस जारी करते हुए पुलिस को आज ही दो बजे वसीम को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।
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