शादी-समारोह में होने वाली फिजूलखर्ची के खिलाए समय-समय पर आवाजें उठती रहती हैं। लेकिन यदि इन फिजूखर्चीयों के कारण शादी ही नहीं हो सके तो मामला और गंभीर हो जाता है।
ऐसा ही कुछ होने जा रहा है राजस्थान के जोधपुर में। यहां शहर काजी आबिद अली और उनके उत्तराधिकारी काजी वाहिद अली ने यह ऐलान किया है, जिन शादियों में फिजूलखर्ची होगी वहां वे निकाह नहीं पढ़ेंगे।
उनका कहना है कि शादी समारोह में डीजे, बाजे, दहेज की मांग सभी कुरीतियां है। इन सभी कुरीतियों को रोकने के उददेश्य से उन्होंने यह निर्णय किया है।