साहिर लुधियानवी जैसे गीतकारों के फिल्मी गीत स्कूलों के सिलेबस में शामिल होने चाहिए। ये कहना है साहित्यकार यतींद्र मिश्र का।
मिश्र आज जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान चलो एक बार फिर से: सेलिब्रिटी पोयट्री सेशन में बोल रहे थे। मिश्र के साथ इस सेशन में वाणी त्रिपाठी टिक्कू भी मौजूद थी। यतींद्र मिश्र ने साहिर लुधियानवी के फेमस गीत तू हिन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा, इन्सान की औलाद है इन्सान बनेगा का जिक्र करते हुए कहा कि ये ऐसे गीत हैं जो हमे भाईचारा, मानवता और सदाचार सिखाते है। इस तरह के फिल्मी गीत समाज को एक करते है और धर्मनिरपेक्ष बनाते है।
मिश्र ने कहा कि लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, शैलेंद्र, हसरत जयपुरी या फिर हो नौशाद, इनके गाये गए और लिखे गीत सामाजिक संदेश देने वाले हैं। ऐसे में इन गीतकारों के गीतों को स्कूलों के सिलेबस में शामिल किया जाना चाहिए।